Tuesday, June 23, 2026

Eighth Stage of Genocide in India

 अमेरिकी कांग्रेस की इल्हान उमर ने 7 जून 2026 को यह दावा किया कि "भारत मुसलमानों के खिलाफ "8th stage of genocide" पर पहुंच गया है।

दरअसल "नरसंहार अध्ययन" के विद्वान दुनिया के सबसे प्रसिद्ध " ग्रेगरी स्टैंटन" ने दुनिया भर के देशों में हुए नरसंहार का अध्ययन करके एक शोध किया और किसी समूह के खिलाफ नरसंहार के एक चरणबद्ध विश्लेषणात्मक मॉडल को प्रस्तुत किया जो बताता है कि पूरी दुनिया में हुए नरसंहार की एक ही प्रक्रिया है...
उनका उद्देश्य यह बताना है कि बड़े पैमाने पर होने वाली सामूहिक हिंसा अक्सर किन चरणों से गुजरते हुए विकसित हो सकती है।
उन्होंने "नरसंहार के 10 चरण" अर्थात "10 Stages of Genocide" लिखे हैं। इल्हान उमर ने इसी आधार पर कहा कि भारत में मुसलमानों के नरसंहार की प्रक्रिया 8वें स्टेज़ में है।
आईए देखते हैं क्रमशः....ग्रेगरी स्टैंटन" का शोध क्या कहता है......
पहला स्टेज :- Classification अर्थात वर्गीकरण का होता है और लोगों को "हम" और "वे" में बाँट दिया जाता है।
DONE
दूसरा स्टेज:- Symbolism अर्थात प्रतीकीकरण का होता है और लोगों को अपनी पहचान जैसे धर्म, जाति, नस्ल आदि बताने या उससे चिह्नित होने के लिए मजबूर किया जाता है।
DONE
तीसरा स्टेज :- Discrimination अर्थात भेदभाव , और लोगों के साथ व्यवस्थित रूप से भेदभाव शुरू हो जाता है।
DONE
चौथा स्टेज:- Dehumanization अर्थात अमानवीकरण , लोगों की तुलना जानवरों, कीड़ों या बीमारियों से की जाती है।
DONE
पांचवां स्टेज :- Organization अर्थात संगठन जिसमें सरकार या अन्य संगठित समूह जैसे पुलिस या सेना इन नीतियों को लागू करने के लिए विशेष व्यवस्थाएँ बनाते हैं।
DONE
छठवां स्टेज़:- Polarization अर्थात ध्रुवीकरण , जिसमें प्रचार के माध्यम से समाज को किसी विशेष समूह के विरुद्ध भड़काया जाता है।
DONE
सातवां स्टेज़:- Preparation अर्थात तैयारी , लोगों को हटाने, विस्थापित करने या अलग करने के लिए आधिकारिक कार्रवाई शुरू होती है।
DONE
आठवां स्टेज :- Persecution अर्थात उत्पीड़न , जिसमें हत्याएँ, संपत्ति की लूट और सामूहिक हिंसा जैसी घटनाएँ शुरू हो जाती हैं।
इल्हान उमर के अनुसार भारत इस स्टेज पर है। आप खुद आकलन कर लीजिए कि इल्हान उमर सही बोल रहीं हैं या ग़लत क्योंकि इसके बाद दो स्टेज आने वाले हैं और "ग्रेगरी स्टैंटन" के अनुसार..
नौवां स्टेज :- Extermination अर्थात समूल विनाश , पूरे समूह को व्यवस्थित रूप से समाप्त करने का प्रयास किया जाता है। इसे "विनाश" कहा जाता है क्योंकि पीड़ितों को इंसान नहीं माना जाता।
दसवां स्टेज़:- Denial अर्थात इनकार , नरसंहार के बाद सरकार या जिम्मेदार लोग यह मानने से इनकार करते हैं कि उन्होंने कोई अपराध किया है।
ग्रेगरी स्टैंटन ने पूरी दुनिया में हुए नरसंहार पर शोध के परिणाम स्वरूप यह लिखा है कि जिस समूह का नरसंहार किए जाने की प्रक्रिया हो रही है उसके प्रतीकों के प्रति नफ़रत, उस समूह के प्रभावशाली व्यक्ति, या दबंग व्यक्ति को खलनायक और मीडिया के माध्यम से उसे सबसे बुरा बनाकर उसके समूह को टार्गेट किया जाता है...
भारत में आप देख ही रहे हैं, तमाम बड़े और असरदार नामों को खत्म कर दिया गया, तमाम पहचान और इतिहास मिटाया जा रहा है, उसी क्रम में देश के 'अज़ीम बंगाली शख़्सियत Lt. Col. Dr. हसन सुहरवर्दी, FRCS, को 1946 दंगे का दंगाई बताकर उनके नाम की सड़क का नाम बदल दिया गया है।
जबकि हसन सोहरावर्दी का बंगाल के 1946 दंगों के साथ कोई रिश्ता नहीं था। वह कोलकाता यूनिवर्सिटी के पहले मुस्लिम वाईस चांसलर थे..सुहरवर्दी को ब्रिटिश हुकूमत ने "नाईट" की उपाधि दी थी..मगर उन्होंने नाईट उपाधि वापस लौटा दी।
अब उन्हें गिरोह द्वारा दंगाई बताया जा रहा है, यही क्रम पिछले कई सालों से लगातार किया जा रहा है... मुसलमानों का प्रतिरोध खत्म करने के लिए उनकी हर ताकतवर आवाज खत्म की जा रही है जेल में सालों साल से बंद किया गया है और दाग़दार से लेकर बेदाग मुस्लिम ताकतों को खत्म करके उनकी छवि मीडिया के सहारे मटियामेट कर दी गई है और अपने "मिर्ज़ापुर" के टपोरी टाइप "गुड्डू पंडित" को शहीद भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद बताया जा रहा है...
दरअसल भारत आठवें स्टेज़ से आगे बढ़कर नौवें स्टेज़ की शुरुआत में है.... इल्हान उमर को शायद पूरी जानकारी नहीं है.